1988 में, टीनू आनंद के निर्देशन में बने शहंशाह मूवी से अमिताभ बच्चन रातों रात लोकप्रियता हासिल कर ली। इस मूवी से उन्होंने अपनी इतनी प्रशंसा हासिल की, किसी दूसरे मूवी में नहीं की होगी। इस मूवी में ऐसे सीन और डायलॉग हुए हैं। जो अमिताभ बच्चन की पर्सनालिटी को एक अच्छा मोड़ देता है और बॉलीवुड इंडस्ट्री में नया अध्याय शुरू करता है। इस मूवी में कुछ ऐसे ही डायलॉग और वैसे गाने हुए हैं जो आज भी लोगों की जुबान पर लिए जाते हैं।
अमिताभ गिड़गिड़ाते हुए नजर आए
शहंशाह मूवी में डायलॉग के साथ कुछ ऐसे गाने भी हुए हैं जो उस मूवी को हिट साबित करता है। इनमें से एक ऐसा गाना है जाने दो जाने दो मुझे जाना है। यह गाना मीनाक्षी शेषाद्रि और अमिताभ बच्चन पर फिल्माया गया था। इस गाने में मीनाक्षी शेषाद्रि अमिताभ बच्चन को “जाने दो जाने दो मुझे जाना है” गाकर अमिताभ बच्चन से पीछा छुड़वाने की कोशिश करती है।। लेकिन अमिताभ बच्चन उस गाने में उनके सामने गिड़गिड़ा कर और गाना गाकर उनको मनाने की कोशिश करते है। वह यादगार पल फिल्म जगत में आईकॉनिक डायलॉग से जुड़ गया और गाना हिट साबित हुआ।
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शहंशाह मूवी में मीनाक्षी शेषाद्रि और अमिताभ बच्चन की जोड़ी हुई हिट
अमिताभ बच्चन की उन यादगार फिल्मों में से मानी जाती है, जिसने न सिर्फ़ बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाया, बल्कि उनके करियर में एक नई जान भी फूंकने में मदद की। अमिताभ बच्चन एक सीधे-सादे, डरपोक से दिखने वाले पुलिस इंस्पेक्टर विजय की भूमिका निभाते हुए नजर आते है, वहीं दूसरी ओर वे रात के अंधेरे में भ्रष्टाचार के खिलाफ़ खड़े होने वाले किरदार ‘शहंशाह’ बन जाते हैं। फिल्म की सबसे बड़ी ताक़त इसके ज़बरदस्त डायलॉग्स और गाने।।
अमिताभ बच्चन का आइकॉनिक लुक
खास तौर पर, “रिश्ते में तो हम तुम्हारे बाप लगते हैं, नाम है शहंशाह”। आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे मशहूर डायलॉग्स में गिना जाता है। काले कपड़े, हाथ में भारी चेन और गहरी आवाज़ में बोले गए संवादों ने ‘शहंशाह’ को एक सिनेमाई आइकॉन बनने में मदद की।
‘शहंशाह’ को दर्शकों ने हाथों-हाथ लिया।
फिल्म में अमिताभ बच्चन का डबल रोल, उनका दमदार एक्शन और संवाद दर्शकों के दिलों में बस गई। यह फिल्म 1988 की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल हुई और इसे उस साल की ब्लॉकबस्टर माना गया। आज के समय में भी शहंशाह सिर्फ़ एक फिल्म नहीं, बल्कि अमिताभ बच्चन की स्टार पावर, उनके दमदार लुक और 80 के दशक के हिंदी सिनेमा की शान का प्रतीक माना गया है। यही वजह है कि दशकों बाद भी यह फिल्म अपने स्टाइल, संवादों और ‘एंग्री मैन’ की छवि के लिए लोग आज भी याद करते हैं।


