सुपरस्टार पिता की विरासत भी नहीं बचा सकी करियर! 18 साल में सिर्फ एक हिट, बॉलीवुड का सबसे अनलकी स्टार किड कहलाया ये अभिनेता

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बॉलीवुड में अक्सर माना जाता है कि स्टार किड्स के लिए इंडस्ट्री में जगह बनाना आसान होता है। बड़े सितारों के बच्चों को लॉन्च के लिए शानदार मौके मिलते हैं, लेकिन सफलता की कोई गारंटी नहीं होती। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कई ऐसे स्टार किड्स रहे हैं जिन्हें शानदार शुरुआत तो मिली, लेकिन वे दर्शकों के दिलों में अपनी अलग पहचान बनाने में सफल नहीं हो पाए। इन्हीं नामों में शामिल हैं दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती के बेटे मिमोह चक्रवर्ती।

मिमोह चक्रवर्ती, जिनका असली नाम महाक्षय चक्रवर्ती है, एक समय बॉलीवुड के सबसे चर्चित स्टार किड्स में गिने जाते थे। जब उन्होंने फिल्मों में कदम रखा तो उम्मीद थी कि वह अपने पिता की तरह बड़े स्टार बनेंगे। लेकिन उनका फिल्मी सफर उम्मीदों के बिल्कुल विपरीत साबित हुआ। आज भी उन्हें बॉलीवुड के उन स्टार किड्स में गिना जाता है जिनका करियर उम्मीदों के मुताबिक आगे नहीं बढ़ पाया।

बड़े सपनों के साथ किया था बॉलीवुड डेब्यू

साल 2008 में मिमोह ने फिल्म ‘जिम्मी’ से बॉलीवुड में एंट्री की थी। उस समय फिल्म को लेकर काफी चर्चा थी क्योंकि वह मिथुन चक्रवर्ती के बेटे थे। फिल्म के प्रमोशन पर भी अच्छा-खासा खर्च किया गया था और इंडस्ट्री को उम्मीद थी कि मिमोह अपने पिता की तरह दर्शकों के बीच लोकप्रिय हो जाएंगे। हालांकि रिलीज के बाद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह असफल साबित हुई। इसके साथ ही मिमोह का पहला कदम ही लड़खड़ा गया। फिल्म की असफलता का असर उनके करियर पर भी पड़ा और उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ा।

एक के बाद एक फ्लॉप फिल्मों ने बढ़ाई मुश्किलें

डेब्यू के बाद मिमोह कई फिल्मों में नजर आए, लेकिन उनमें से अधिकांश बॉक्स ऑफिस पर प्रभाव नहीं छोड़ सकीं। उन्हें लगातार ऐसे प्रोजेक्ट्स मिले जो दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाने में नाकाम रहे। फिल्मी परिवार से होने के बावजूद उन्हें वह सफलता नहीं मिली जिसकी उम्मीद की जा रही थी। कई बार उन्हें अपने पिता की लोकप्रियता के आधार पर आंका गया और यही तुलना उनके लिए चुनौती बनती चली गई। इंडस्ट्री में अक्सर यह चर्चा होती रही कि वह मिथुन चक्रवर्ती जैसी छाप छोड़ने में सफल नहीं हो पाए।
स्टार किड होने का दबाव भी बना परेशानी |

एक इंटरव्यू में मिमोह ने स्वीकार किया था कि स्टार किड होना हमेशा फायदे का सौदा नहीं होता। उनके मुताबिक लोग उनसे हमेशा ज्यादा उम्मीदें रखते थे। हर फिल्म के साथ उनकी तुलना सीधे उनके पिता से की जाती थी। उन्होंने कहा था कि उनके पिता ने कभी उनके लिए किसी निर्माता या निर्देशक पर दबाव नहीं डाला। उन्हें अपने दम पर काम हासिल करना पड़ा। यही वजह रही कि असफलताओं का सामना भी उन्हें खुद ही करना पड़ा।

मिथुन चक्रवर्ती के संघर्ष से लेते हैं प्रेरणा

मिमोह कई बार अपने पिता के संघर्ष की कहानियां साझा कर चुके हैं। उनके अनुसार मिथुन चक्रवर्ती ने सफलता हासिल करने से पहले बेहद कठिन दिन देखे थे। मुंबई में शुरुआती दिनों में वह पार्कों में सोए, आर्थिक तंगी झेली और कई बार भोजन तक के लिए संघर्ष करना पड़ा। मिमोह का कहना है कि जब भी उन्हें करियर में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, वह अपने पिता के संघर्ष को याद करते हैं। यही कहानियां उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देती हैं।

क्या सच में फ्लॉप रहा करियर?

अगर बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड देखा जाए तो मिमोह का करियर लंबे समय तक सफलता से दूर रहा। उनकी ज्यादातर फिल्में दर्शकों का ध्यान आकर्षित नहीं कर सकीं। यही कारण है कि कई मीडिया रिपोर्ट्स में उन्हें बॉलीवुड के सबसे असफल स्टार किड्स में शामिल किया गया।
हालांकि फिल्म इंडस्ट्री में सफलता और असफलता स्थायी नहीं होती। कई कलाकार लंबे संघर्ष के बाद वापसी करने में सफल रहे हैं और मिमोह के प्रशंसकों को भी उम्मीद रही कि वह किसी बड़े प्रोजेक्ट के जरिए फिर से चर्चा में आएंगे।

हॉरर फिल्म से मिली नई पहचान

दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में रिलीज हुई एक हॉरर फिल्म ने मिमोह को फिर से सुर्खियों में ला दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी फिल्म ‘Haunted 3D: Echoes of the Past’ ने शुरुआती दिनों में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया और कई नई रिलीज फिल्मों को कमाई के मामले में पीछे छोड़ दिया।
फिल्म की सफलता के बाद सोशल मीडिया पर भी मिमोह को लेकर चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों का मानना है कि यह उनके करियर के लिए नई शुरुआत साबित हो सकती है।

पिता की विरासत का बोझ या प्रेरणा

स्टार किड्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी अलग पहचान बनाना होती है। मिमोह के मामले में भी यही देखने को मिला। एक तरफ उनके पिता भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में से एक रहे, वहीं दूसरी तरफ उन्हें लगातार अपनी काबिलियत साबित करनी पड़ी।
मिथुन चक्रवर्ती ने अपने करियर में सैकड़ों फिल्मों में काम किया और कई सुपरहिट फिल्में दीं। ऐसे में दर्शकों की अपेक्षाएं स्वाभाविक रूप से बहुत ज्यादा थीं। लेकिन मिमोह का सफर यह दिखाता है कि केवल बड़ा नाम सफलता की गारंटी नहीं होता |

अब आगे क्या

फिल्म इंडस्ट्री में हर कलाकार के जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं। मिमोह चक्रवर्ती का करियर भी इसी दौर से गुजरा है। लंबे समय तक संघर्ष और असफलताओं का सामना करने के बाद अब उनके सामने खुद को फिर से स्थापित करने का अवसर है। दर्शकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वह आने वाले वर्षों में अपनी नई पहचान बना पाएंगे या फिर उन्हें हमेशा एक ऐसे स्टार किड के रूप में याद किया जाएगा जो तमाम अवसर मिलने के बावजूद अपने पिता जैसी सफलता हासिल नहीं कर सका।

निष्कर्ष

मिमोह चक्रवर्ती की कहानी बॉलीवुड की उस सच्चाई को सामने लाती है जिसमें बड़ा परिवार और मजबूत पहचान भी सफलता की गारंटी नहीं होते। मिथुन चक्रवर्ती जैसे सुपरस्टार के बेटे होने के बावजूद उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ा। हालांकि हालिया प्रोजेक्ट्स ने उनके करियर में नई उम्मीद जरूर जगाई है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में वह इस मौके को कितनी मजबूती से भुना पाते हैं।

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