Border 2: बॉर्डर 2 का दिलचस्प सीन पाकिस्तान से दुश्मनी रहते किया ‘फौजी कोड’ का सम्मान

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सनी देओल स्टारर बहुप्रतीक्षित वॉर ड्रामा ‘बॉर्डर 2’ इन दिनों सिनेमाघरों में ज़बरदस्त चर्चा में है। फिल्म न सिर्फ देशभक्ति की भावना को मजबूती से पेश करती है, बल्कि इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख के बावजूद यह ‘फौजी कोड’ यानी सैन्य मर्यादा और इंसानियत का सम्मान करना नहीं भूलती।

सिर्फ जंग नहीं, फौजियों की सोच भी दिखाती है फिल्म

‘बॉर्डर 2’ को महज़ एक देशभक्ति या एक्शन फिल्म कहना गलत होगा। इसमें युद्ध के मैदान की गोलियों और धमाकों के साथ-साथ सैनिकों के भीतर चलने वाले भावनात्मक संघर्ष को भी बारीकी से दिखाया गया है। फिल्म यह साफ संदेश देती है कि दुश्मन से लड़ाई जरूरी है, लेकिन युद्ध के नियम और सैनिक सम्मान उससे भी ऊपर हैं।

1971 के युद्ध की पृष्ठभूमि में रची गई कहानी

फिल्म की कहानी 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध से प्रेरित बताई जा रही है। इस बार मेकर्स ने सिर्फ थलसेना ही नहीं, बल्कि थल, वायु और नौसेना तीनों सेनाओं की भूमिका को बड़े परदे पर उतारने की कोशिश की है। कई दृश्य ऐसे हैं, जो भारत की रणनीतिक ताकत और सैनिकों के बलिदान को गर्व के साथ पेश करते हैं।

पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश, लेकिन दुश्मन सैनिक के लिए नफरत नहीं

‘बॉर्डर 2’ में पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक तेवर साफ दिखाई देते हैं, लेकिन फिल्म कहीं भी दुश्मन सैनिकों को अमानवीय तरीके से पेश नहीं करती। ‘फौजी कोड’ के तहत घायल दुश्मन सैनिकों के साथ इंसानी व्यवहार, युद्धबंदियों के नियम और सैन्य सम्मान जैसे पहलुओं को दिखाया गया है, जो इसे दूसरी वॉर फिल्मों से अलग बनाता है।

सनी देओल की दमदार मौजूदगी

सनी देओल एक बार फिर अपने परिचित अंदाज़ में नजर आते हैं। उनके डायलॉग्स, स्क्रीन प्रेजेंस और देशभक्ति से भरे सीन दर्शकों में जोश भर देते हैं। वहीं, सपोर्टिंग कास्ट भी अपनी भूमिकाओं में प्रभावशाली दिखाई देती है।

फिल्म का सिनेमैटोग्राफी और बैकग्राउंड स्कोर इसकी बड़ी ताकत है। युद्ध के दृश्य बड़े स्तर पर फिल्माए गए हैं, जो थिएटर में देखने पर असर छोड़ते हैं। VFX और साउंड डिजाइन दर्शकों को सीधे जंग के मैदान में ले जाते हैं।

दर्शकों की मिली प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर मिली-जुली लेकिन ज़्यादातर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई दर्शकों ने फिल्म की भावनात्मक गहराई और फौजी मर्यादा को इसकी सबसे बड़ी जीत बताया है।

क्यों देखें ‘बॉर्डर 2’

अगर आपको देशभक्ति से जुड़ी फिल्में पसंद हैं और आप सिर्फ नारेबाज़ी नहीं, बल्कि सैनिकों की सोच, संघर्ष और सम्मान को भी समझना चाहते हैं, तो ‘बॉर्डर 2’ जरूर देखी जा सकती है। बॉर्डर 2’ नफरत और युद्ध के शोर के बीच यह याद दिलाती है कि एक सच्चा सैनिक दुश्मन से लड़ते हुए भी अपने नियम नहीं छोड़ता। यही सोच इस फिल्म को खास बनाती है।

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