धर्म और अधर्म के बीच में लड़ी गई लड़ाई जिसे महाभारत की युद्ध के नाम से जानते हैं
महाभारत का युद्ध पूरे 18 दिनों तक चला था, जिसमें 100 करोड़ से अधिक सैनिकों की जान गई थी। इस महाभारत के युद्ध में बड़े से बड़े महारथी शामिल हुए थे
लेकिन एक ऐसा योद्धा था, जो इस महाभारत के युद्ध में हीस्सा नहीं ले पाया, वरना इस युद्ध को 1 खत्म कर सकता था
हम जिस योद्धा के बारे में बात कर रहे है, उसका नाम बर्बरीक था। जो की भीम का पौत्र घटोत्कच एंव अहीलावती का पुत्र था।
पौराणिक कथाओं के अनुसार बर्बरीक के पास दिव्य शक्तियां थी और उनके पास ऐसे तीन बाण थे, जिससे युद्ध को खत्म करने की क्षमता थी
श्री कृष्ण जानते थे कि अगर बर्बरीक युद्ध का हीस्सा हरेगा तोयुद्ध का अंजाम कुछ ओर हो सकता था, इसके बाद श्री कृष्णा अपने ब्राह्मण का भेष करके बर्बरीक को भिक्षा मांगी
श्री कृष्ण ने भिक्षा में बर्बरीक को उसका शीश मांगा और बर्बरीक ने श्री कृष्ण को अपना शीश दिया,श्री कृष्ण के वरदान से बर्बरीक ने अपने शीश से महाभारतका युद्ध देखा
अपना कटा हुआ सीर श्री कृष्ण को देने के बाद वह युद्ध नहीं लड़ पाए
श्री कृष्ण ने बर्बरीक को वरदान दिया था कि वह कलयुग में खाटू श्याम के रूप में पूजे जाएंगे